हमाम में सब नंगे ! (निक्की कहानी)

अरे अरे … ये कैसी फोटो खिचवा रही है ये लडकियां ? कोई शर्म-लिहाज़ है या नहीं ? या केवल सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए बड़े बड़े नेताओं और पार्टियों के नाम इस्तेमाल कर रहीं हैं ? (इंटरनेट पर मशहूर हो रहीं अर्धनग्न तस्वीरें देखते हुए राजेश ने कहा)

सुरेश (हँसते हुए) : अरे भाई ! तुम्हारी सोच घटिया है ! ये लड़कियां तो राजनीति की असलियत को आत्मसात कर के दिखा रहीं हैं !

राजेश (हैरानी से) : कैसी असलियत ?

सुरेश (रहस्मयी मुस्कराहट के साथ) : ये तो समाजसेवी महिलायें हैं जो खुद नग्न होकर आम जनता को राजनीति की असलियत समझा रहीं हैं ….की “भ्रष्टाचार की राजनीति के हमाम में सब इसी प्रकार नंगे होते हैं !”

राजेश (मंद मन मुस्काते हुए) : और हम जानते ही हैं की “नंगा नहायेगा क्या और निचोडेगा क्या ?” नंगा भ्रष्टाचार में नहायेगा तो भ्रष्टाचार ही तो निचोडेगा !

सुरेश : राज + नीति को बदनाम कर दिया है इन राजनेताओं ने ! पहले “राज” किया जाता था “नीति” के साथ पर अब “नीति” बनायी जाती है की “राज” कैसे करना है ! कैसे कैसे घटिया तरीके आजमाए जा रहे हैं .. तौबा तौबा !

(दोनों जोर जोर से हँसते हैं ….!)

- बलविंदर सिंघ बाईसन