A space for stories that matter

Every life hides a powerful story

Short stories, poems & fearless ideas

ਹਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ ਇੱਕ ਨਿੱਕੀ ਕਹਾਣੀ
Balvinder Singh Bison

गोल्डन रूल्ज़ ! (निक्की कहानी)


हैंड्स अप ! (न्यूयॉर्क की सुनसान गली से रात को दस बजे निकल रहे गुरप्रीत सिंघ को बेघर गुंडे मैक्सिकन विलियम और नीग्रो मैक्स ने लूटने के इरादे से घेर लिया)

गुरप्रीत सिंघ घूम कर खड़ा हो गया, वो समझ गया था की आज वो इन गुंडा तत्वों का शिकार बनने वाला है क्योंकि ऐसी घटनाएं तो न्यूयॉर्क में रात के समय आम बात है ! "मुझे रात के इस समय इस सुनसान गली से नहीं निकलना चाहिए था" (मन में बुदबुदाते हुए उसने कहा)

"हे मैन, ही इज वाहिगुरू" (दोनों गुंडे उसके पास आ गए तो अचानक मैक्स के मुंह से निकला) लीव हिम ! वी विल फाइंड अदर टारगेट ! गो मैन, गो ! (गुरप्रीत की पीठ पर हाथ मारते हुए मैक्स ने कहा)

गुरप्रीत सिंघ के जाने के बाद विलियम ने मैक्स से गुरप्रीत के बारे में पूछा तो मैक्स की आँखों में सिटी गुरुद्वारे का दृश्य कोंध गया .. जब वो भूख से परेशान था और किसी के कहने पर वो गुरुद्वारे के लंगर में गया था, उस समय गुरप्रीत सिंघ ने बिना किसी भेदभाव के बड़े ही प्यार से वाहिगुरू सिमरन करते हुए उसे लंगर खिलाया था ! उस दिन के बाद मैक्स बहुत बार लंगर खा आया था और वहां के सेवा भाव से बहुत प्रभावित हुआ था ! (मैक्स ने मन ही मन कुछ फैसला कर लिया)

कुछ दिनों बाद मैक्स और विलियम गलती से गुरप्रीत सिंघ के ग्रोसरी स्टोर पर कुछ सामान खरीदने आये तो उनको देख कर गुरप्रीत के जेहन में उस की घटना कौंध गयी ! उसने आवाज़ मार कर उन्हें एक कोने में बुलाया और उनसे पूछा, "आर यू स्टिल लूटिंग पीपल ?

मैक्स (उसे देख कर खुश होते हुए) : यू चेंज्ड अवर लाईफ एज वी हैव लीव बैड हैबिट्स ! आई रेमेम्बर द वार्म फीलिंग ऑफ़ सेल्फलेस सर्विस प्रोवाइडड बाय यू वेन वी कम टू योर गुरु प्लेस ! नाओ वी आर फालोविंग दोस गोल्डन रूल्स रिटन आउटसाइड गुरुद्वारा :

- अर्निंग आफ लिवलीहुड थ्रू लेजिमेट एफर्ट (किरत करना)
- शेयरिंग आफ अर्निंग इन ए स्पिरिट आफ लव एंड सर्विस (वंड छकना)
- प्रैक्टिस आफ द डिवाइन नाम (नाम जपना)

गुरप्रीत सिंघ की आँखें नम हो गयी ! उसने मन ही मन अपने गुरु का धन्यवाद किया जिन्होंने खुद सेवा भावना को प्रथम रख कर अपने शिष्यों में सेवा भावना भरी ! काश यही गोल्डन रूल्ज़ पूरी दुनियां अपना ले तो कभी किसी को हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे ! (अपने गुरु की शिक्षा को नमन करते हुए गुरप्रीत सिंघ ने मैक्स और विलियम से विदा ली)

Leave a Comment

Reader Comments