Nikki Kahani
A space for stories that matter

Every life hides a powerful story

Short stories, poems & fearless ideas

ਹਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ ਇੱਕ ਨਿੱਕੀ ਕਹਾਣੀ
Balvinder Singh Bison
Nikki Kavita

फ़ित्ना-गर ! (निक्की कविता)

हर गलती का जिम्मेदार वो हमे बना जाते है,अपनी खता की सजा भी हमे ही सुना जाते है !लब हमारे तहजीब में खामोश जाते है अक्सर,वो हर वाह-वाह पर अपना हक जता जाते है !जिंदगी उनकी शुरू खुद पर, खत्म खुद पर,दूसरों को दफनाने का सामान किये जाते है !उनकी लगाई आग घरों में, ना कोई बुझा पाए,वो तमाम पानी के तालाब सुखाये जाते है !इत्तिफ़ाक़न फ़ित्ना-गर नेता की चालों का हुआ इल्म,आब-ए-हयात कह आब-ए-तल्ख़ पिलाये जाते है !- बलविंदर सिंघ बाईसनफ़ित्ना-गर = mischievous (फितना-गर)आब-ए-तल्ख़ = bitter water
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ये कैसा प्यार है ? (लघु कहानी)

"वेलंटाईन डे" के दिन हाथों में हाथ डाल, प्यार में जीने-मरनें की कसमे खाने के बाद शाम को प्रेमी ने प्रेमिका को बहुत सुन्दर गुलाबों का बुक्के भेंट किया ... लड़की ने बुक्के को चूमा और आई लव यू कह कर विदा ...

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सर्दी हो या गर्मी, पगड़ी है बननी ! (निक्की कहानी)

मेरा सर दर्द करता है, मैं पगड़ी नहीं बाँध सकता ! (परेशान हो कर मनवीत ने कहा)अच्छा ? और कोई परेशानी तो नहीं, पगड़ी बाँधने में ? (अन्दर से हँसते हुए साहिब सिंघ ने पूछा)मनवीत सिंघ : गर्मियों में तेज़ धूप हो...

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