कर दूषण ! (निक्की कहानी)
कर दूषण की कहानी सुनाओ ना ! (हेमंत ने किशोर से कहा)
वैसे तो खर दूषण की कहानी थी, पर तेरे इस गलत स्पेलिंग ने कहानी बदल दी है, सुन अब नई कहानी!
एक देश में जनता को फूल बना कर राजनीतिक दलों की सरकारों ने "कर" लगा लगा कर आम जनता की कमर तोड़ दी l और ऊपर से तुर्रा यह है कि वो अपनी से पहली सरकारों पर "दूषण" लगा कर खुद बरी होने की कोशिश करते रहते थे !
भैया आप मुझे खर दूषण वाली ही कहानी सुना दो, ये "कर दूषण" वाली तो मुझे दुखी कर गई !
चल सुन ! खर दूषण की कहानी !
- बलविंदर सिंघ बाईसन
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