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Balvinder Singh Bison

यह रिश्ता नहीं हो सकता ! (निक्की कहानी)

आप में कोई ऐब है तो पहले बता दीजिये ! बाद में कोई झंझट नहीं चाहती मैं ! (इंदु ने विनोद से रिश्ते की बात करते हुए कहा)
 
मुझे मुजरा देखने का शौक है ! बस यही एक कमी कह लीजिये या शौक ! (विनोद ने झिझकते हुए बता ही दिया)
 
अरे ! यह तो कोई बड़ी बात नहीं ! शौक बड़ी चीज़ है ! (अन्दर से नाराज़ इंदु ने उसे कुरेदते हुए कहा) ! इस के अलावा और क्या शौक रखते हैं राजा साहिब ?
 
और कुछ ख़ास शौक नहीं ! हाँ, चुनिन्दा न्यूज़ चैनल (चार-पांच चैनलों के नाम लेता है) पर जब तक चार पांच टॉक-शो ना देख लूँ तब तक नींद नहीं आती ! मेरा बहुत विश्वास है की राजनीति और समाज में जो हो रहा है, उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए !
 
यह रिश्ता नहीं हो सकता ! (अचानक ही इंदु उग्र हो गयी)
 
अरे क्या हो गया ? अभी तो भली चंगी थी आप ? (विनोद हैरान था)
 
जिस आदमी को भले-बुरे की तमीज नहीं ! जो अखबार और टी.वी चैनल की राय के साथ अपनी राय बनाता है ! उस आदमी से जीवन भर का रिश्ता मुझे मंजूर नहीं ! धर्म की आढ़ में "भेड़िये" भेड़ की खाल पहन कर आप जैसे मूर्खों को अपनी रोटियों का आसरा बना रहे हैं ! अपनी विवेक बुद्धि को भूल जब आप जैसे लोग आँखें मूँद लेते हैं और समर्पण कर देते हैं इन बिके हुए चैलनों के स्पॉन्सर्ड प्रोग्राम्स के सामने ! मुझे अकलमंद से शादी करनी है, आँखों से अँधा चलेगा पर दिमाग से अँधा नहीं !
 
किकर्तव्यमूढ़ खड़ा विनोद सोच रहा था ... " मुज़रा " छोटा ऐब हो गया "टी.वी. पर न्यूज़ चैनल देखने से" ?
 
- बलविंदर सिंघ बाईसन

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