देश से प्यार ! (निक्की कहानी)
देश से प्यार करो ! देश से बढ़ कर कुछ नहीं ! भारत हमको जान से प्यारा है ! इस देश की धरती को हम मां समझते हैं ! इस पर नापाक कदम रखने वालों को हम मिटा कर रख देंगे !
"पान चबाते चबाते अचानक पीक की पिचकारी की बौछार से शायद उसने धरती मां के साथ होली खेल कर अपनी देशभक्ति को प्रदर्शित किया"
- बलविंदर सिंघ बाईसन
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