कसम से ! (निक्की कहानी)
भगवान कसम ! ये काम मैंने नहीं किया ! (चिद्दू ने गले की घंटी छूते हुए कहा)
अरे ! मैंने तुझे खुद देखा है ! तुम बात बात पर भगवान की झूठी कसमें क्यों खाते हो ? कभी अपने घर वालों की भी खा के दिखाओ (पिद्दू ने पुछा)
क्योंकि मुझे पता है कि मेरी सभी झूठी कसमों के बाद भी "भगवान नहीं मरने वाले" ! भगवान कसम ! (कुटिल हंसी हँसते हुए चिद्दू ने जवाब दिया)
- बलविंदर सिंघ बाईसन
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