रिपोर्ट लिख लो ! (निक्की कहानी) (फन्नी)
विनोद की पत्नी तीन दिन से लापता थी, वो परेशान हो कर रिपोर्ट लिखवाने थाने चला गया ! वहां पहले से ही एक आदमी ड्यूटी आफिसर को अपने मोबाइल के गुम हो जाने की रिपोर्ट लिखवा रहा था !
आफिसर : देखो भाई ! रिपोर्ट तो दर्ज हो जायेगी पर N.C.R. कटेगी !
आदमी : सर मैं तो F.I.R. लिखवाने आया हूँ और आप N.C.R. की बात कर रहे हैं ! दोनों में क्या फर्क होता है ?
आफिसर : F.I.R. दर्ज होने के बाद हमें कार्यवाही करनी पड़ती है और उस सामान को ढूंढना पड़ता है पर N.C.R. दर्ज करवाने का मतलब है की आप ने हमें रिपोर्ट दर्ज करवा दी पर आप कोई कार्यवाही नहीं चाहते ! आम तौर पर आप केवल हमें बताना चाहते है कि फलां चीज़ गुम हो गयी है और आप उसके बदले में इस रिपोर्ट को दिखा कर दूसरी चीज़ ले लेंगे जैसे की मोबाइल का सिम इत्यादि !
N.C.R. कटवाने के बाद वो आदमी चला जाता है और आफिसर विनोद को बुलाता है !
विनोद : सर मुझे अपनी बीबी के गुम हो जाने की N.C.R. कटवानी है !
आफिसर (सर खुजाते हुए) : पर इस केस में तो F.I.R. दर्ज होगी !
विनोद (समझाते हुए) : पर मैं नहीं चाहता की मेरी बीबी वापिस आये मैं तो केवल आप को सूचित करने आया था की मेरी बीबी लापता है ! F.I.R. दर्ज करवाऊंगा तो आप उसे ढून्ढ लाओगे जो मैं नहीं चाहता, इसलिए कृपया N.C.R. ही काटिए और केस को यहीं बंद कीजिये!
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