Nikki Kahani
A space for stories that matter

Every life hides a powerful story

Short stories, poems & fearless ideas

ਹਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ ਇੱਕ ਨਿੱਕੀ ਕਹਾਣੀ
Balvinder Singh Bison
ਪੰਜਾਬੀ हिन्दी English

बलविन्दर सिंघ बाईसन एक जनपक्षीय पंजाबी कथाकार और चिंतक के रूप में पहचाने जाते हैं। वे अपनी छोटी कहानियों के लिए जाने जाते हैं, जिनमें मानव जीवन के सुख-दुःख, सामाजिक वास्तविकताओं और मनुष्य के आंतरिक भावों को उजागर किया जाता है। उनकी कहानियाँ अक्सर आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के विषयों पर आधारित होती हैं।

वे सरल और बोलचाल की भाषा में छोटी कहानियाँ लिखते हैं, जो आम लोगों की भाषा के निकट होती हैं। उनकी कहानियाँ बहुत कम शब्दों में गहरे विचार व्यक्त करने के लिए जानी जाती हैं। “निकी कहानी” (बहुत छोटी कहानी) के माध्यम से उनकी लेखनी ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है — ये छोटी कहानियाँ अक्सर पाठकों के मन में बड़े प्रश्न छोड़ जाती हैं।

“निकी कविता”, “Second Thought” और “3rd Degree” जैसे स्तंभों के माध्यम से उन्होंने पाठकों के साथ एक नया और विचारशील संवाद स्थापित किया है।

आज के समय में जब बहुत से विद्वान लेखक मौजूद हैं, उनके बीच वे स्वयं को एक अत्यंत विनम्र लेखक मानते हैं। उनका मानना है कि एक लेखक के रूप में पहचाने जाना वास्तव में पाठकों के प्रेम और स्नेह का ही परिणाम है।

वे अक्सर कहते हैं — “लिखने की कला लगातार लिखते रहने से ही आती है, जैसे बच्चे सीखते समय कुछ कॉपियाँ अवश्य खराब कर देते हैं।”

उनके साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान को सम्मान देते हुए बाबा दीप सिंघ फेडरेशन, अमृतसर ने वर्ष 2014 में उन्हें Sikh Spiritual Personality Award से सम्मानित किया।

उनकी लिखी हुई निकी कहानियाँ विभिन्न देशों के समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और ऑनलाइन पोर्टलों में प्रकाशित हो चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त भी उन्हें विभिन्न साहित्यिक और सामाजिक मंचों से उनके कार्यों के लिए अनेक सम्मान और सराहनाएँ प्राप्त हुई हैं।

उनकी कुछ कहानियों का अनुवाद अंग्रेज़ी और नेपाली भाषा में भी किया जा चुका है।

नेपाल में उनकी दो कहानियों का पंजाबी से नेपाली भाषा में अनुवाद करके पुस्तक “स्वै को खोजी” में शामिल किया गया। इस पुस्तक में उनकी कहानियाँ प्रसिद्ध लेखकों जैसे हरिवंश राय बच्चन, लियो टॉल्स्टॉय, मुंशी प्रेमचंद और खलील जिब्रान की रचनाओं के साथ प्रकाशित हुई हैं।

बलविन्दर सिंघ बाईसन का कहना है कि यदि लिखते समय उनकी आध्यात्मिक अवस्था सही नहीं होती, तो वे उस समय लिखने से बचते हैं, क्योंकि उस स्थिति में कहानी में मन का हस्तक्षेप अधिक हो जाता है।

एक लेखक के लिए लिखते समय मन और हृदय दोनों का शांत होना अत्यंत आवश्यक है।

पाठकों से अनुरोध है कि वे अपना प्रेम बनाए रखें और इन निकी कहानियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए इन्हें साझा करें तथा अपने विचार और सुझाव अवश्य दें।