उदाहरण ! (निक्की कहानी )
“ये कहानी सच है या सिर्फ़ एक लोककथा?”उसने पूछा। बुज़ुर्ग मुस्कुराए :“बेटा, हर कहानी को सच साबित करना जरूरी नहीं होता।” “फिर ऐसी कहानियाँ सुनाते क्यों हैं?” “किसी बात को आसानी से समझाने के लिए।” “लेकिन लोग तो कहानी के...
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Original short stories about everyday choices, relationships and social life, written by Balvinder Singh Bison.
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“ये कहानी सच है या सिर्फ़ एक लोककथा?”उसने पूछा। बुज़ुर्ग मुस्कुराए :“बेटा, हर कहानी को सच साबित करना जरूरी नहीं होता।” “फिर ऐसी कहानियाँ सुनाते क्यों हैं?” “किसी बात को आसानी से समझाने के लिए।” “लेकिन लोग तो कहानी के...
दादी ने पोते से कहा,“बेटा, बाजार से चिकनकारी वाला कुर्ता ले आना।” पोता मोबाइल में लगा था। बोला,“दादी, ये चिकनकारी क्या होती है?” दादी ने समझाया,“कपड़े पर बारीक कढ़ाई का काम… बहुत पुरानी कला है।” पोता बोला,“ओह! मुझे तो...
एक नौजवान हर रोज़ गुरुद्वारे आता था, लेकिन सेवा करते हुए अक्सर गलतियाँ कर देता था। साथ में सेवा कर रहे बुज़ुर्ग सेवादार उसकी हर गलती पर उसे पीठ थपथपा कर सही तरीका समझा देते थे। एक दिन उसने एक बुज़ुर्ग सेवादार से पूछा...
राजा ने रण भूमि में ऐलान किया : अश्वत्थामा मारा गया नरोः न कुंजरो । परन्तु अश्वत्थामा मारा गया के तुरंत बाद शंख बजाकर नरोः न कुंजरो की आवाज दबा दी गई। सारी सेनाओं और जनता में खलबली मच गई। हजारों साल बीत गए।राजा बदले...
“पद्मश्री कौन होता है?”बच्चे ने पूछा। पिता मुस्कुराया : “एक तो वह, जिसे देश-समाज के लिए काम करने पर सम्मान मिले। और मेरे व्यंग्य में दूसरा भी है : जो ‘श्री’ यानी धन-दौलत के लिए सत्ता के ‘पद्म’ यानी पैरों के नीचे पड़ा...
“यार, वो मुझे छोड़ गया… शायद मुझमें ही कोई कमी थी।” दोस्त बोला,“नहीं भाई, कमी तुझमें नहीं थी।” “फिर?” “तू बस उसके लिए चाबी ही था।” “चाबी?” “हाँ! किसी बंद ताले को खोलने के लिए।” “तो अब मुझे क्यों छोड़ दिया?” दोस्त ने...
“जैसा खाए अन्न, वैसा होवे मन।” बुज़ुर्ग ने रोटी का कौर तोड़ते हुए कहा। साथ बैठे विनोद ने तुरंत पूछ लिया— “बाबा जी, बात तो ठीक है… लेकिन ये अन्न खरीदा किस धन से?” बुज़ुर्ग ने रोटी का निवाला मुँह तक ले जाते अपना हाथ रोक...
गली में सुबह से ही भोंपू चीख रहा था। “धर्म का मामला है,” पड़ोसी ने समझाया, “थोड़ा शोर तो सहना पड़ेगा।” अगले दिन दूसरे धर्म का जुलूस निकला। उसी गली में फिर भोंपू गरजा। वही पड़ोसी इस बार भड़क उठा : “ये लोग इतनी तेज आवाज़...
तड़प रहे हैं चरणों में लोटने को चरणचुंबक ! खुद को समझें देव, दूसरों को समझें शम्बूक ! पालतू हैं धार्मिक लबादे में लिपटे, समझे चम्पक ! क्या अनपढ़ और पढ़े लिखे, निकल रहे लम्पट ! नीरो बजाता था बांसुरी, हीरो बजाये ढोल...
आप में कोई ऐब है तो पहले बता दीजिये ! बाद में कोई झंझट नहीं चाहती मैं ! (इंदु ने विनोद से रिश्ते की बात करते हुए कहा) मुझे मुजरा देखने का शौक है ! बस यही एक कमी कह लीजिये या शौक ! (विनो...
उदास क्यों हो ? तुमने मुझे सब्जी तो बराबर दी, पर तरी कम क्यों डाली ? ये ले भाई, ये ले, और तरी ले ले! इस तरह से "एहसास ए कमतरी" महसूस मत कर ! - बलविंदर सिंघ बाई...
मुझे ढकोसला प्रसाद जी ने गुरबाणी में से ब्रह्म कवच का पाठ दिया है, वो मुझे रोज़ करना है, फिर तीन हफ्ते में ही मेरे बिगड़े हुए काम बन जायेंगे ! (जयंत ने अपने मित्र गुरजीत सिंघ को अपनी तकलीफों के बारे म...
कर दूषण की कहानी सुनाओ ना ! (हेमंत ने किशोर से कहा) वैसे तो खर दूषण की कहानी थी, पर तेरे इस गलत स्पेलिंग ने कहानी बदल दी है, सुन अब नई कहानी! एक देश में जनता को फूल बना कर ...
झगड़ा करते हुए बकरे ने कोई बुरी बात बोल दी, बकरी ने भी गुस्से में बुरी बात बोलते हुए झगड़े को बढ़ा दिया। आगे की कहानी ...... बकरी : क्या "बक - रा" है ? बकरा : तू क्या "बक - री"...
भों भों भों ! ज़ंजीर से बंधे टौमी ने मेहमान प्रदीप पर भोंकना शुरू कर दिया ! मनोज : बुरा ना मानिये ! इसे हमसे (मालिकों) से बहुत प्यार है, इस लिए हर आने जाने वाले पर भोंक पड़ता है ! अभी जब समझ जाएग...